आदेश की अवहेलना कर चलाया जा रहा है कोचिंग सेंटर, संक्रमण का खतरा !

सुपौल/सरायगढ़: विमल भारती

आदेश की अवहेलना कर चलाया जा रहा है कोचिंग सेंटर, संक्रमण का खतरा !

बिहार/सुपौल: कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार द्वारा बार-बार जारी आदेश की अवहेलना कर अंदौली गांव में आधे दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। जहां काफी संख्या में छात्र छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है।

प्राइवेट शिक्षकों द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान मे जमा हो रहे छात्र-छात्राओं के कारण कोरोना संक्रमण को गांव में फैलने की आशंका जताई जा रही है। प्राइवेट शिक्षकों द्वारा कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का अनदेखी करते हुए कोचिंग सेंटर चलाने से कई लोग नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

लोगों के विरोध को देखते हुए अंदौली के कुछ कोचिंग सेंटर का शुक्रवार के दिन ऑन द स्पॉट मुआयना किया। अंदौली बैजनाथपुर सड़क में एक कोचिंग सेंटर में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। उपस्थित छात्र-छात्राओं में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे।

कोचिंग संचालक ने बताया कि छात्र-छात्राओं द्वारा मासिक फीस जमा नहीं किया गया, इस कारण कोचिंग बंद नहीं किया जा रहा है। बताया कि जब छात्र छात्राओं के अभिभावक पैसे जमा कर देंगे तब कोचिंग को बंद कर दिया जाएगा। पूछने पर की जब सरकार ने सभी विद्यालयों को बंद कर दिया है तो आखिर कुछ कोचिंग सेंटर क्यों चलाए जा रहे। उस पर कोचिंग संचालक ने कहा कि बार-बार बंद करने से पैसे डूब जा रहे हैं।

अंदौली चौक से दक्षिण पंचायत भवन समीप भी एक कोचिंग सेंटर मे छात्र छात्राओं को पढ़ते देखा गया। कोचिंग चला रहे शिक्षक का कहना था कि गांव में जहां-जहां कोचिंग चल रहा है उसमें आपस में तालमेल का अभाव है। कोई अपने घर के अंदर कोचिंग चलाने लगे तो कोई छत पर। एक कोचिंग के बंद कर देने से वहां के सभी छात्र छात्रा दूसरे कोचिंग में चले जाते हैं। उस कारण कोचिंग को बंद नहीं किया जा रहा है। मुख्य सड़क के किनारे भी दो कोचिंग सेंटर में छात्र-छात्रा पड़ते दिखाई दिए।

प्रशासन का कोई अधिकारी कोचिंग सेंटर के अंदर नहीं पहुँच सके इसके लिए दरवाजे को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अंदर जाने पर देखा गया कि कोचिंग संचालक कुछ अन्य शिक्षकों के सहारे काफी संख्या में छात्र छात्राओं को पढ़ा रहे हैं और कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। जितने छात्र-छात्रा पढ़ रहे थे एक के भी चेहरे पर मास्क दिखाई नहीं दिया। सोशल डिस्टेंस की बात तो वहां बेमानी साबित हुई। कोचिंग संचालक का कहना था कि जब आप लोग आ गए हैं तो अब कल से पढ़ाई बंद कर देंगे। पूछने पर कि सरकार के निर्देश को क्यों नहीं मान रहे तो उन्होंने बताया कि पैसे डूबने की संभावना रहती है इसलिए पढ़ाई बंद नहीं करते हैं।

सरकार के आदेश के खिलाफ अंदौली गांव में कोचिंग सेंटर चलाने को लेकर किशनपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सकी।
यहां यह बता दें कि अंदौली गांव सुपौल भपटियाही हाईवे के किनारे अवस्थित है और उस होकर पदाधिकारियों का बराबर आना जाना रहता है। इतने के बावजूद कोचिंग सेंटर का चलते रहना बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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