डुमरी पंचायत का वृक्षारोपण कार्यक्रम बना रोल मॉडल, प्रबदूषण से पंचायतवासियों को मिली राहत !

सुपौल/राघोपुर: विकाश आनंद

डुमरी पंचायत का वृक्षारोपण कार्यक्रम बना रोल मॉडल, प्रबदूषण से पंचायतवासियों को मिली राहत !

 

बिहार/सुपौल: राघोपुर प्रखण्ड के डुमरी पंचायत और नजदीक धरहरा में कई दर्जन ईट का चिमनी भट्ठा है।

इन चिमनी भट्टा से प्रतिदिन धुंआ के नाम पर आस- पास के क्षेत्र में जहरीली हवा का परत बनता जा रहा है। इस कारण से आस-पास के काफी गांव की जमीन दिन प्रतिदिन बंजर होती जा रही है और खेतो में फसल उपज देना कम कर दिया है।

कहती है मुखिया

स्थानीय डुमरी पंचायत की मुखिया मीरा देवी कहती है कि बंजर होते जमीन व लोगों की समस्या के साथ पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए उन्होंने काफी पहले से गांव में बृक्षारोपण का संकल्प ली थी।

साई हॉस्पिटल

मुखिया मीरा देवी कहती है कि वे खुद भी हमेशा अपने गाँव और पंचायत में रहती है और इस प्रदूषण का शिकार हो चुकी है। अपने संकल्प के लिए मुखिया ने अपने पुत्र राजा जायसवाल के साथ मिलकर राघोपुर मनरेगा विभाग से सहयोग की मांग की और मनरेगा विभाग से अपेक्षाकृत सहयोग भी प्राप्त हुआ।

वे बताती है की मनरेगा विभाग से उन्होंने अभी तक पंचायत भर में लगभग 8 हजार पेड़ लगा चुकी है और आगे भी 12 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य है। जो बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।

मुखिया बताती है कि पंचायत में भारी मात्रा में पेड़ लगने से गांव का पर्यावरण भी स्वच्छ हुआ है और हो भी रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना

स्थानीय लोगों ने बताया कि डुमरी मुखिया के इस सकारात्मक कदम से पंचायत सहित आस- पास के लोगों को काफी राहत पहुचा है, और पंचायत के सड़को के पास लगे पेड़ के कारण खूबसूरती भी बढ़ी है।

इस कारण से डुमरी सहित पंचायत के मजदूरों को रोजगार का अवसर भी प्रदान हुआ है।

राघोपुर ग्रामीण विकास पदाधिकारी सुभाष कुमार और मनरेगा पदाधिकारी आलोक चंद्र रंजन ने डुमरी मुखिया के वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए प्रखण्ड के अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित होने की बात कही है।

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