जाँच टीम ने माना संवेदक द्वारा घटिया सड़क निर्माण कराया गया !

सुपौल: संत सरोज

जाँच टीम ने माना संवेदक द्वारा घटिया सड़क निर्माण कराया गया !

बिहार/सुपौल: जिले के त्रिवेणीगंज में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत त्रिवेणीगंज बाज़ार के NH327 ई.से जनता रोड, वंशी चौक होते हुए मेला ग्राउंड तक 68 लाख 18 हज़ार 345 लाख रुपये की लागत से 1.680 किमी की सड़क का निर्माण बीते 14 जून 2021 को लगातार हो रही बारिश के बीच रात के अंधेरे में किया गया था। सुबह होते ही सड़कें दरकने लगी थी, जगह-जगह सड़क उखड़ने लगे थे।

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ग्रामीणों ने जब दूसरे दिन सुबह में सड़क की ऐसी स्थिति देखा तो उन्होंने काम को बंद करा कर सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता का भारी विरोध किया औऱ काम को बंद करा कर काफ़ी हंगामा किया था। लेकिन तब तक संवेदक लगातार हो रही बारिश के बीच रात के अंधेरे में तकरीबन 8 से 9 सौ मीटर घटिया सड़क निर्माण करा चुके थे।

ईधर हो रहे हंगामे की जानकारी त्रिवेणीगंज एसडीएम एसजेड हसन को जैसे मिली तो उन्होंने स्थल पर पहुँच हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया औऱ लोगों द्वारा बताये गए हंगामे के कारणों की एक रिपोर्ट जिलाधिकारी सुपौल को सौंपा था।

जिसके बाद बीते बुधवार को जिलाधिकारी सुपौल के द्वारा गठित टेक्निकल टीम ने स्थल पर पहुँच घटिया सड़क निर्माण की बारीकी से जाँच किये और सड़कों के कई हिस्सों से मेटेरियल भी कलेक्ट किए।

जिलाधिकारी द्वारा गठित दो सदस्यीय जाँच टीम में शामिल सदस्य योगेंद्र कुमार कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग सुपौल ने बताया कि जाँच के उपरांत प्रथम दृष्टया सड़क के निर्माण में अनियमितता बरती गई है।साथ ही घटिया मेटेरियल का भी उपयोग किया गया है।

बोले एसडीओ

जाँच टीम के सदस्य त्रिवेणीगंज एसडीओ एसजेड हसन ने बताया कि सड़क के कई जगहों से मेटेरियल कलेक्ट कर जाँच के लिए लैब भेजा गया है। जाँच के बाद इसकी एक विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। जाँच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सड़क निर्माण में अनियमितता बरती गई है। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

इन सब बातों से अंजान बने ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल त्रिवेणीगंज के इंजीनियर गौतम गिरी कैमरे पर कुछ भी बताने से इंकार कर दिए।उनकी मौन स्वीकृति से साफ स्पष्ट होता है कि ऐसे ही विभागीय इंजीनियरों के बदौलत आज के समय में सड़क निर्माण कंपनी और ठेकेदार दोनों रातोंरात करोड़पति बन रहे हैं और खामियाजा आमलोगों को भुगतना पड़ता है।

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