जीवात्मा को परमात्मा से मिलना ही सत्संग : इंदू बाबा

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सुपौल/करजाईन: गौरीश मिश्रा

जीवात्मा को परमात्मा से मिलना ही सत्संग : इंदू बाबा

बिहार/सुपौल : बायसी पंचायत के संस्कृत मध्य विद्यालय दहगामा में आयोजित दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम शुक्रवार को भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गया।

सत्संग के अंतिम दिन कोदरा घाट आलमनगर से पधारे इंदू बाबा ने उपस्थित सत्संग प्रेमियों को अपनी अमृतमय वाणी से पाप के विनाश के बारे में बताई। अपने प्रवचन के दौरान इंदु बाबा कहा कि जीव आत्मा को परमात्मा से मिलाना ही सत्संग है।

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साथ ही उन्होंने शब्द एवं प्रकाश की गति से संतों की तुलना की। उन्होंने कहा कि जीवन रूपी नैया के असली खेवनहार भगवान राम है। बिना राम नाम के जप से वैतरणी पार नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि हर आदमी को सुख की लालसा होती है। जीवन सुखमय हो इसके लिए मनुष्य जीवन भर प्रयास करता है, लेकिन बाहरी सुख क्षणभंगुर होने के कारण उसे संतुष्टि नहीं मिलती है। आंतरिक सुख के लिए सिर्फ राम नाम से ही संतुष्टि मिलेगी। उन्होंने कहा कि राम से विमुख होकर कोई सुखी नहीं रह सकता है। सिर्फ राम नाम के जप से ही जीवन का कल्याण संभव है।

उन्होंने कहा कि बाल्मीकि जैसा व्यक्ति राम-राम की जगह मरा-मरा जप के महान हो गया। रामायण जैसे महाकाव्य की रचना भी कर दी। राम नाम के जप से आत्मा की शुद्धि होती है।

इंदु बाबा ने कहा कि मनुष्यरूपी शरीर पाकर जो भगवान की भक्ति करता है। सत्संग में समय बीतता है। उससे बड़ा भाग्यशाली कोई नहीं है। बाबा ने कहा कि ईश्वर हमारे अंदर हैं और हम कस्तूरी मृग की तरह उनकी खोज में बाहर भटकते रहते हैं।इसलिए आत्मा रूपी निर्मल जल के ऊपर जो काई लगी है उसे हटाने पर ही आत्म ज्ञान और परमात्मा का ज्ञान होगा।

इस दौरान बड़ी संख्या में सत्संग प्रेमी पहुंचे थे। सत्संग के आयोजन को सफल बनाने में ठाकुर बाबा, दहगामा संतमत सत्संग के अध्यक्ष बालेश्वर मेहता, आचार्य रामविलास मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार मेहता, हरेराम मेहता, बेचन मेहता, देवीलाल मेहता, अनिता मेहता सहित स्थानीय सत्संगप्रेमी का सराहनीय सहयोग रहा।

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