कटाव से टूटने के कगार पर मचहा डायवर्सन, दर्जनों गांव का प्रखंड से हो सकता है आवागमन ठप !

डेस्क

कटाव से टूटने के कगार पर मचहा डायवर्सन, दर्जनों गांव का प्रखंड से हो सकता है आवागमन ठप !

बिहार/सुपौल: वर्ष 2008 में आई प्रलयकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के बाद ध्वस्त त्रिवेणीगंज स्तिथ चिलौनी कतार पुल के समीप बनें डायवर्सन तीन बार टूटने के बाद फिर एक बार आए दिनों हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जारी कटाव से क्षतिग्रस्त होकर टूटने के कगार पर है। यूं कहे तो डायवर्सन कभी भी ध्वस्त होकर चिलोनी कतार नदी में समा सकता है। डायवर्सन की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि चार पहिया तो दूर दो पहिया और पैदल चलने में भी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इतना ही नहीं मूसलाधार बारिश के कारण डायवर्सन में पानी की तेज धार से हो रहे कटाव कभी भी लोगों की जान लेने का कारण बन सकता है। डायवर्सन क्षतिग्रस्त होने से कुशहा समेत आसपास बसे गांव के 20 – 25 हजार की आबादी का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क कभी भी ठप हो सकता है।

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फिलहाल इस डायवर्सन पर दोपहिया वाहन और पैदल राहगीरों को छोड़कर अन्य वाहन अनुमंडल मुख्यालय आने के लिए लगभग दस किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं।
ग्रामीण जयकुमार यादव, बीरेंद्र यादव, कपलेश्वर यादव, घुटूर यादव, शंभु यादव , कैलू यादव, अरविंद यादव, रामचरण यादव, विजेंद्र चौधरी ने बताया कि अगर समय रहते कटाव से  क्षतिग्रस्त डायवर्शन का मरम्मत नही कराया गया तो डायवर्शन कभी भी ध्वस्त हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि डायवर्सन निर्माण में अधिकारियों व संवेदकों की मिलीभगत से केवल राशि की बंदरबांट की जा रही है। जितनी राशि डायवर्सन निर्माण में विभाग खर्च कर रही है। उतनी राशि में इस स्थल पर पुल का निर्माण किया जा सकता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द उक्त डायवर्शन पर पुल निर्माण की मांग की है।


दरअसल सीमावर्ती मधेपुरा जिले समेत त्रिवेणीगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों को जोड़ने के उद्देश्य से कई दशक पूर्व चिलोनी कतार नदी पर पुल निर्माण कराया गया था, लेकिन 2008 में आई प्रलयंकारी कुशहा त्रासदी में पुल का दो पाया ध्वस्त हो गया था।

इसके बाद कुशहा – त्रिवेणीगंज मार्ग पर आवागमन को पुन: बहाल करने के लिए 2017, 2018 और 2020 में तीन बार डायवर्सन का निर्माण किया गया। तीनों बार बरसात का मौसम आते ही नदी की तेज धारा में डायवर्सन टूट गया था।

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