प्रशिक्षण में सेविकाओं को दी गई पोषण ट्रैकर एप्स की जानकारी!

सुपौल/सरायगढ़: विमल भारती

प्रशिक्षण में सेविकाओं को दी गई पोषण ट्रैकर एप्स की जानकारी!

बिहार/सुपौल: सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा भवन में शनिवार के दिन आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण में सेविकाओं को पोषण ट्रैकर एप्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के प्रशिक्षक पर्यवेक्षिका रेखा कुमारी आर्या तथा रंजू देवी थी।

प्रशिक्षण में प्रशिक्षक ने कहा अब हर एक आंगनबाड़ी केंद्रों को अपडेट किया जा रहा है। विभागीय स्तर से हर कार्यक्रम के तुरंत बाद रिपोर्ट की मांग की जाती है। इसके लिए अब पोषण ट्रैकर एप्स के माध्यम से सेविका कुपोषण के खिलाफ चल रहे कार्यक्रम की जानकारी देगी।


प्रशिक्षण में पर्यवेक्षिका ने कहा किसी भी केंद्र की सभी जानकारियों को अपडेट रखें। कहां की कुपोषण से दूर रहने के लिए महिलाओं को आयरन की गोली खाना है, और आयरन युक्त भोजन करना है।

ताकि खून लाल हो और एनीमिया की हार हो। प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को बताया गया कि जब तक भोजन में संतुलित खाद पदार्थ शामिल नहीं किया जाता तब तक कोई भी लोग स्वस्थ नहीं रह सकते। प्रशिक्षक ने कहा कि हम कम खर्च के बदौलत भी अपने तथा अपने पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की होती है, जो खाना बनाती है।

प्रशिक्षक ने उपस्थित सेविकाओं से कहा कि वह सब घर-घर जाकर महिलाओं को संतुलित आहार की जानकारी दें। वैसा भोजन जिसमें अधिकांश जरूरत की चीजें पाई जाती हो उसके सेवन के बारे में बताएं। कहा कि जब तक महिलाएं स्वस्थ नहीं होगी तब तक समाज स्वस्थ नहीं होगा। स्वास्थ्य समाज का ही संपूर्ण विकास संभव है, इसलिए आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से हर एक लोगों में कुपोषण से दूर रहने की जानकारी दी जाए।

प्रवेशिका ने कहा कि अब पोषण ट्रैकर एप्स हर एक सेविका के मोबाइल में रहेगा और उसे समय-समय पर जानकारी देनी होगी। पोषण ट्रैकर एप्स को कैसे चलाना है, इसके बारे में भी प्रशिक्षण में विस्तृत जानकारी दी गई। पर्यवेक्षिका रेखा कुमारी आर्या ने कहा कि कोई भी सेविका विभागीय कार्य में लापरवाही नहीं कर सकती। सरकार कुपोषण मुक्त गांव बनाने की दिशा में लगातार रूप से कार्यक्रम चला रही है। बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित आंगनबाड़ी उस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेगा। प्रशिक्षक ने कहा कि सिर्फ बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा देना ही सेविकाओं का काम नहीं है, बल्कि हर एक घर से कुपोषण को दूर करने की भी जिम्मेदारी लेनी होगी।

प्रशिक्षक ने कहा कि खून की कमी के कारण अधिकांश महिलाएं बीमार होती रहती है। हम सभी लोग मिलकर महिलाओं को स्वस्थ रखने की दिशा में पहल करें तो 1 दिन सफलता जरुर मिलेगी।प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर अन्य जानकारियां भी दी गई। प्रशिक्षण में काफी संख्या में सेविका शामिल थे।

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