वैश्विक बाजार में डीएपी सहित फॉस्फेटिक खादों की कीमतों में आई भारी उछाल, किसानों के जेब पर बढ़ सकता है बोझ !

सुपौल/राघोपुर: विकास आनंद

वैश्विक बाजार में डीएपी सहित फॉस्फेटिक खादों की कीमतों में आई भारी उछाल, किसानों के जेब पर बढ़ सकता है बोझ !

बिहार/सुपौल: वैश्विक बाजार में डीएपी सहित फॉस्फेटिक खादों की कीमतों में आए भारी उछाल के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी किसानों की जेब का बोझ बढ़ाने की सरकारी तैयारी शुरू हो चुकी हैं।माना जा रहा है कि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को डीएपी की एक बोरी 1200/- रुपए के बदले 2000/- रुपये से अधिक की पड़ सकती हैं। खाद वितरण के क्षेत्र में इस तरह की चर्चाएं काफी तेजी से चल रही है। अचानक फास्फेटिक खादों की कीमतों में तेजी की सुगबुगाहट को सरकार द्वारा उर्वरक वितरण में भी डीबीटी योजना लागू करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। इस बीच किसानों की हालत और हालात बिल्कुल विपरीत है।

फिलहाल गरमा फसल में मक्का खेत और जूट खेती के लिए खाद खरीद करने वाले किसानों को खाद का रेट समझ में नही आ रहा है। खाद बिक्रेताओ द्वारा फिलहाल डीएपी की बिक्री 1500/- से 1600/-प्रति बोरी की जा रही है। जबकि मार्च तक बिस्कोमान द्वारा डीएपी की बिक्री 1200/- प्रति बोरी की जा रही थी।

लेकिन 07 अप्रैल को इफको द्वारा जारी प्राइसलिस्ट में DAP का रेट 1900/- प्रति बोरा और NPK का रेट 1800/- प्रति बोरा का जिक्र किया गया, जो कि उस दिन तक राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक रेट था। मीडिया में इस बात को लेकर काफी चर्चाएं हुई जिसको की अगले ही दिन इफ्को कंपनी के CMD यू एस अवस्थी ने नया बयान देकर विराम दिया कि नया रेट वर्तमान स्थिति में सिर्फ बताने के लिए है बिक्री के लिए नहीं है। श्री अवस्थी ने बताया कि इफको कंपनी अपने खाद के पुराने सारे स्टॉक पुराने दर पर ही बेचेगी।

लेकिन 09 अप्रैल को इफ्को कंपनी का NPK 12:32:16 का नया एमआरपी 1800/- का बोरी का फोटो विभिन्न माध्यमों से दिखने लगा है जबकि पुराना रेट 1185/- का है।इफको का नया एमआरपी का खाद दिखाने के लिए है, बताने के लिए है या बिक्री करने के लिए है, इस प्रश्न का सटीक जवाब नहीं मिल रहा है। हालांकि 9 अप्रैल को ही भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की सभी कंपनियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि सभी विपणनकर्ता कंपनी फास्फेटिक खादों के रेट को नही बढ़ाए और पुराने रेट पर ही किसानों को खाद उपलब्ध कराने का पहल करे।

लेकिन वास्तविकता है कि निजी विपणनकर्ता कंपनियों के पास फिलहाल फास्फेटिक खाद का स्टॉक भी नही के बराबर है। उर्वरक विपणनकर्ता कम्पनी का कहना है कि फिलहाल वैश्विक बाजार में डीएपी की कीमतों में भारी उछाल आ गया है और अभी आयात कर पुराने दरों पर बिक्री करना सम्भव नहीं है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय हैं कि दो साल पहले भी डीएपी 1500/- प्रति बोरी के भाव बिक चुकी है।

★ क्या कहते हैं उर्वरक विपणनकर्ता कम्पनी

अशोक कुमार शुक्ला, PPL कोशी जोन के वरिष्ठ विपणन अधिकारी

राष्ट्रीय स्तर पर फास्फेटिक उर्वरक की विपणनकर्ता सह उर्वरक निर्माता कम्पनी पारादीप फॉस्फेट लिमिटेड कम्पनी(पीपीएल) के बिहार प्रदेश के कोशी जोन के वरिष्ठ विपणन अधिकारी अशोक शुक्ला ने बताया कि एक वर्ष पहले DAP का अंतराष्ट्रीय मूल्य 280 अमेरिकन डॉलर था जो कि फिलहाल 565 अमेरिकन डॉलर हो गया है और सल्फर का अंतराष्ट्रीय मूल्य में चार गुना तेजी है। इसी कारण से आयात कर पुराने दर पर बिक्री करना मुश्किल हो गया है। फिर भी हमारी कंपनी इस विषम परिस्थितियों में भी पारादीप स्थित प्लांट में DAP एवम अन्य काम्प्लेक्स खादों का निर्माण कर किसानों को उपलब्ध करा रही हैं।

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