क्षेत्र भ्रमण के दौरान छातापुर पहुंचे क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक जगतपति चौधरी का हुआ स्वागत !

डेस्क

क्षेत्र भ्रमण के दौरान छातापुर पहुंचे क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक जगतपति चौधरी का हुआ स्वागत !

टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोप गुट सुपौल के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से किया स्वागत !

बिहार/सुपौल: क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सहरसा क्षेत्र भ्रमण के पश्चात बीआरसी छातापुर पहुंचे। जहां सैकड़ों की संख्या में उपस्थित शिक्षकों ने नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन आदि भुगतान तथा राज्य के बाहर से शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण- पत्र प्राप्त करने वाले नवनियुक्त शिक्षकों का जल्द प्रमाण-पत्र सत्यापन करवाने संबंधित समस्याओं तथा एमडीएम संचालन से जुड़े दर्जनों समस्याओं को आरडीडीई के समक्ष साझा करते हुए जिला अध्यक्ष श्री मनोज कुमार यादव ने कहा कि शिक्षकों के वेतन भुगतान,ऐरियर भुगतान तथा एमडीएम संचालन में हो रही दिक्कतों को विभाग जल्द दूर करें।

एमडीएम संचालन में उत्पन्न समस्याओं एवं एमडीएम संचालन में व्यय बजट का वेंडर को समय से भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षकों को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। जिस पर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सहरसा ने शिक्षकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से राज्य निदेशालय में उठाऊंगा और शिक्षकों की जो भी समस्या है उसे निदेशालय स्तर से दूर करने की त्वरित ही प्रयास करूंगा।
फिलहाल सभी शिक्षक शैक्षणिक गतिविधि को अव्वल बनाने एवं बच्चों को गुणवत्ता युक्त एमडीएम भोजन कराने का प्रयास कीजिये, जिसपर शिक्षकों ने खुशी जाहिर करते हुए टीईटी-एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट सुपौल के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार यादव की अगुवाई में आरडीडीई को फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किये एवं छातापुर प्रखंड के ऊपर विशेष नजर बनाये रखने एवं बार बार छातापुर आकर यहां के विधि व्यवस्था का आकलन करने का आग्रह किये।

जिसपर आरडीडीई ने अपना सहमति जताते हुए कहा कि जब भी छातापुर आता हूँ, छातापुर के शैक्षणिक गतिविधियों को देखकर काफी प्रसन्नता महसूस होती हैं।
उक्त मौके पर ओमप्रकाश यादव, सिजेन्द्र कुमार सुमन,गिरीश कुमार ,दिनेश यादव, राजेश यादव,सीआरसी अशोक कुमार यादव,बीआरपी संतोष ठाकुर,अनिता कुमारी, अमिता कुमारी,श्याम सुमन मंडल,जयकांत यादव तथा कार्यालय परिचारी बिजेंद्र कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद थे।

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