क्षेत्र में खनन माफियाओं का बोलबाला, प्रशासन के नाक के नीचे करते हैं अवैध खनन !

डेस्क

क्षेत्र में खनन माफियाओं का बोलबाला, प्रशासन के नाक के नीचे करते हैं अवैध खनन !

बिहार/सुपौल: प्रशासनिक उदासीनता की वजह से प्रखंड क्षेत्र में खनन माफियाओं का बोलबाला काफी बढ़ गया है।नतीजा यह है कि प्रदेश में बाढ़ काल प्रारम्भ होने के बावजुद नदी किनारे स्थित संवेदनशील जगहों से इन खनन माफियाओं द्वारा बेखौफ मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है।

जगह जगह हो रहे इन अवैध मिट्टी खनन से जहां इन माफियाओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है वहीं नदियों के भौगौलिक स्वरूप बदलने का खतरा भी मंडराने लगा है। खनन माफिया एवं भूजी माफियाओं की मिलीभगत से बिहार सरकार की जमीन पर भी खुलेआम मिट्टी कटाई की जा रही है।

गत दिनों यह मामला मीडिया में आने के बाद विभाग द्वारा तत्काल सख्ती दिखाई गई थी।परंतु इसका कोई फर्क इन खनन माफियाओं पर नहीं पड़ा।जानकार बताते हैं कि विभागीय मिलीभगत और स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में इनका कारोबार चलता है लिहाजा ये बेखौफ हैं।

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आये दिन सुरसर,गेड़ा, मिरचाईया इत्यादि नदी के किनारे से मिट्टी कटाई के नाम पर अवैध बालू खनन के मामले सामने आते रहे हैं।पुलिस द्वारा कुछ मामलों में कारवाई भी की गई है।ताजा मामला लालगंज पंचायत से जुड़ा है जहाँ शुक्रवार को मिरचैया नदी के किनारे स्थित सरकारी जमीन पर खनन माफिया द्वारा अवैध तरीके से मिट्टी कटाई किये जाने का स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया।

उन्होंने प्रशासन को इसकी सूचना देते हुए बताया कि खेसरा 278 के खास महाल की जमीन पर एक जेसीबी मशीन के माध्यम से दर्जनो ट्रेक्टर द्वारा अवैध रूप से मिट्टी कटाई की जा रही है ।

परंतु घंटों इंतजार के बाद भी प्रशासन का कोई नुमाइंदा घटना स्थल पर नहीं पहुंचा । और खनन माफियाओं ने यह कहते हुए कि सब मैनेज है यहाँ कोई आने वाला नही है ।खनन कार्य जारी रखा। ग्रामीणों की माने तो क्षेत्र के कई सफेदपोश लोग इस धंधे में लिप्त हैं जो लगातार इस इलाके मे दहशत बनाकर मिट्टी कटाई को अंजाम दे रहे हैं।इनपर सख्ती नही बरते जाने से इनका मनोबल लगातार बढ़ता ही जा रहा है।गौरतलब है कि क्षेत्र में नित्य हो रहे नये निर्माण कार्यों को लेकर मिट्टी की काफी डिमांड बढ़ती जा रही है।

जहाँ सरकार द्वारा नदी को बचाने के लिए तरह तरह की मुहिम चलाई जा है। वहीं दूसरी तरफ आस पास के ही कुछ लोग नदी से मिट्टी का अवैध खनन करने में जुड़े हुए हैं। साथ ही आधिकारिक पड़ताल नहीं की गयी तो आने वाले समय में अधिकांश सरकारी जमीन का स्वामित्व गरीबों के हाथ से निकल कर पूंजीपति एवं भूमाफियाओं के पास चला जाएगा ।

इस संदर्भ में खनन निरीक्षक सुपौल अमिताभ ने पुछने पर बताया कि स्थानीय पुलिस भी कार्रवाई कर सकती है । जिलाधिकारी आदेश है, खनन माफियाओं के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए वे खुद छातापुर पहूचेंगे ।

 

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