मौलाना कारी मुहम्मद उस्मान मंसूर पुरी का निधन देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति: खलिकुल्लाह अंसारी

डेस्क

 

मौलाना कारी मुहम्मद उस्मान मंसूर पुरी का निधन देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति: खलिकुल्लाह अंसारी

बिहार/सुपौल: जमीयत उलेमा के अध्यक्ष और दारुल उलूम देवबंद के कार्यवाहक अधीक्षक मौलाना व कारी मोहम्मद उस्मान मंसूर पुरी के निधन से देश को बहुत बड़ी क्षति हुई है। कोरोना महामारी के बीच एक के बाद एक विद्वानों का चले जाना किसी परीक्षा से कम नही है। खादिम-ए-मजलिस खलीक़ुल्लाह अंसारी ने क़ारी मोहम्मद उस्मान के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने कहा मौलाना कारी मुहम्मद उस्मान मंसूर पुरी की हदीस पर गहरी नजर थी, ईमानदारी और गंभीरता उनकी शैली थी। उन्होंने लगभग 36 वर्षों की लंबी अवधि तक दारुल उलूम में सेवा की। उनके हजारों छात्र देश विदेश में सेवा कर नाम रौशन करने में लगे हुए हैं।

मौलाना क़ारी मुहम्मद उस्मान मंसूर पुरी मुजाहिद ए आज़ादी मौलाना हुसैन अहमद मदनी के दामाद थे। वह मदनी परिवार के सदस्य थे। खलिकुल्लाह अंसारी ने कहा कि कोरोना महामारी में जिस तरह लोगों की जाने जा रही है ,विद्वान जा रहे हैं, यह चिंता का विषय है। उनके बाद उनके उत्तराधिकारी दूर -दूर तक नहीं हैं। इन मूल्यवान लोगों को बड़ी मेहनत और देख रेख के साथ प्रशिक्षित किया गया था।उन्हें देश और राष्ट के उतार-चढ़ाव में जीने का अनुभव था जो दूसरों को भी दिया करते थे। वे जिन लोगो के साथ रहे वो लोग भी बड़े ही विद्वान थे।अब उनके जैसे लोग कहां हैं जो अपनी नज़रो से पत्थर को हीरे में बदल देते हैं।


खलीक़ुल्लाह अंसारी ने चिंता जताई कि जाने वाले लोगो की जगह भरने की कौम के पास कोई कार्य योजना नहीं है। हमें इस पर विचार करना चाहिए। अंसारी ने मौलाना के लिए क्षमा की प्रार्थना की और शोक जताया। उन्होंने कारी साहब के परिवार के लिए धैर्य की प्रार्थना की और कहा अल्लाह क़ारी साहब के गलतियों को माफ करे और उन्हें स्वर्ग में उच्च स्थान दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!