निजी जमीन से बालू खनन मामले में लोगों की शिकायत पर मंत्री नीरज कु.सिंह ने वीरपुर थानाध्यक्ष को लगाया फटकार !

सुपौल: अभिषेक कुमार झा

निजी जमीन से बालू खनन मामले में लोगों की शिकायत पर मंत्री नीरज कु.सिंह ने वीरपुर थानाध्यक्ष को लगाया फटकार !

बिहार/सुपौल: प्राप्त जानकारी अनुसार 23 जुलाई को वीरपुर पुलिस के द्वारा सीतापुर -बलभद्रपुर सड़क से आठ ट्रैक्टर पर लदे बालू सहित चालक सह मालिक को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें वीरपुर थाना पुलिस के द्वारा उक्त मामले में 12 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था और आठ लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था।

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इन्हीं बातों को लेकर आज सीतापुर, ब्रम्हपुर और बलभद्रपुर के अलावे अन्य जगहों के लोगों ने वन एवं पर्यावरण मंत्री बिहार सरकार नीरज कुमार सिंह को वीरपुर आईभी में वीरपुर थानाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत की। जहां शिकायत करते लोगों ने मंत्री को कहा कि हम अपने जमीन से खेती करने को लेकर सफेद बालू का उठाव कर रहे थे, जिससे खेत में मिट्टी बन सके और फसल उपजाऊ हो। लेकिन बीरपुर थाना अध्यक्ष के द्वारा 23 जुलाई को हम सभी का ट्रैक्टर सहित 8 लोगों को गिरफ्तार कर बेवजह जेल भेज दिया गया।

वही शिकायत को सुनते ही वीरपुर आईभी में मंत्री नीरज कुमार सिंह ने बीरपुर थानाध्यक्ष दीनानाथ मंडल को बुलाकर पहले तो सुपौल डीएम से मोबाइल पर जानकारी ली और बाद में निजी जमीन से बालू खनन मामले को लेकर मंत्री ने थानाध्यक्ष को जमकर फटकार लगाते हुए थाना अध्यक्ष पर मामला दर्ज करवा कर जेल भेजे जाने तक की बात कह डाला और उन्होंने थाना अध्यक्ष को कहा कि जल्द से जल्द पकड़े गए लोगों को इस मामला से मुक्त करवाया जाए और भविष्य में जो इलाके के किसान है वह अपने जमीन से बालू निकाल रहे हैं तो ऐसे लोगों पर आप कार्रवाई नहीं करेंगे,नहीं तो आप पर कार्यवाही होगा।

वही इस संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2008 के कुसहा त्रासदी में यह पूरा इलाका कोशी के बाढ़ के पानी से ग्रस्त हो गया था। जिस वजह से यहां के किसानों के खेतों में बालू ही बालू भर गया था। जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद कहा था की किसानों के खेत से बालू निकालने के लिए हम लोगों को पैसा देंगे, बावजूद जब किसान अपने खेत से बालू का निकासी कर रहे हैं तो बीरपुर थाना अध्यक्ष के द्वारा वेवजह पकड़ कर जेल भेज दिया जाता है जो पूरी तरह से गलत है। लोग अपने खेत से बबलू निकालने के लिए स्वतंत्र है।

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