सिमराही में स्थानीय दबंगों द्वारा सड़क के पुल-पुलिया व जल-निकासी-पाईप पर कब्जा बनाकर पानी -बहाव रोकने से त्राहिमाम की स्थिति !

abhishek kumar shingh

सुपौल/सिमराही: सुरेश कुमार सिंह

 

सिमराही में स्थानीय दबंगों द्वारा सड़क के पुल-पुलिया व जल-निकासी-पाईप पर कब्जा बनाकर पानी -बहाव रोकने से त्राहिमाम की स्थिति !

बिहार/सुपौल: सिमराही निवासी सुशील पासवान सहित 35 लोगों ने जिलाधिकारी सुपौल को आवेदन देकर आरोप लगाया कि “लोकल प्रशासनिक पदाधिकारी” द्वारा जन-तबाही मामले में अपने को दरकिनार कर रहे है। आवेदन में लिखा गया है कि सुपौल जिला के राघोपुर प्रखंड अधीन दीनादास टोला, सिमराही का वार्ड नं-01 तथा 02 की सरकारी पथ सिमराही-रामनगर रोड, जो पूरब-पश्चिम बस्ती होकर गुजरती है।

सड़क के उत्तर बसी आबादी, घर-आँगन चुल्हा-चोकी से लेकर परवरिश-पशु सहित पूरा परिवार व जीवन-यापन सरोकारित 200 एकड़ की उपजाऊ-जमीन पूरी तरह पानी निकासी अवरुद्ध हो जाने से जलमग्न हो चुका है। एक तरफ जहां स्थानीय दबंगों द्वारा सड़क के पुल-पुलिया व जल-निकासी-पाईप पर कब्जा बनाकर,तथा पानी -बहाव रोककर इस जन-तबाही को त्राहिमाम में बदल दिया गया है।

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वहीं दूसरे तरफ दर्जनों पीड़ित-परिवार महिलायें-बच्चे दिनांक – 03-07-2021 को इस तबाही से निदान को लेकर राघोपुर बीडीओ साहब से मिलकर गुहार लगाने पर उनके द्वारा मामला क्षेत्राधिकार में नहीं रहने का सगुफा देकर, पीड़ितों की प्रार्थना को तुरंत अस्वीकृत कर दिया गया। सरकारी लोकल-प्रशासन का प्राथमिक-कर्तव्य भी भुला दिया गया।

फिर कोविड दरम्यान सिमराही बाजार मध्य “प्रवासी-जन अस्थायी कोविड जाँच-केंद्र” स्थापित करने, सिमराही के कई वार्ड-मुहल्ले को “कांटेन्मेंट जोन” घोषित कर वहां प्रतिबंधित क्षेत्र का सरकारी बैनर लगाने तथा सिमराही में कई दुकानो को सील करने, राघोपुर अंचल द्वारा सिमराही क्षेत्र मध्य संचालित सामुदायिक किचेन का “साहेब” द्वारा औचक-निरीक्षण कर, विभागीय-स्पष्टीकरण -पत्राचार करने,अन्य पंचायतों के साथ सिमराही में भी वर्तमान “पोलियो उन्मूलन अभियान” की देख-रेख व मीटिंग में शामिल होने में क्या क्षेत्राधिकार हस्तक्षेप मामला नहीं बनता है?
पीड़ित परिवार “साहेब” से क्षतिपूर्ति-राहत व सरकारी-मुआबजा मांगने नहीं गये बल्कि रची गयी यातना-कृत से उत्तपन्न जन-धन बसोबास हानि आघात का सरकारी निदान हेतु गुहार किये।

आवेदनकर्ताओं ने जिला पदाधिकारी सहित उप-विकास आयुक्त, सुपौल एवं अनुमंडल पदाधिकारी-बीरपुर से मामले का संज्ञान लेते हुये, शीघ्र प्रभावितों की जान-माल सुरक्षा व जीवन-यापन सुनिश्चित करने का गुहार लगाया है।

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